
इस आधुतिक युग मे जो प्रगती हो रही है उस मे दो विचार प्रवाह है एक उसे आच्छा माने ना वाला और दुसरा उस मे बदलाव चाहने वाला ये दो भी सही है एक ताकत अगर आधीक ताकतवान हो जाये तो उसे किसीका डर नही रहता है और यह रास्ते से भटक जाते है इसी लिये हर दम जमीन पे पाँव होना जरुरी है सुशांत मुंडकर युवा नेता देगलूर नांदेड महाराष्ट्रा